नालासोपारा: इम्पेरियल हाइट्स नाम से पहचानी जाने वाली इमारत में 14 अक्टूबर को लगी आग के मामले में अब आपराधिक जांच आगे बढ़ी है। आचोले पुलिस थाने में डेवलपर कंपनी श्री गणेश वेंचर के मालिक और साझेदारों के खिलाफ लापरवाही से मौत होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी।

शिकायत में अग्निसुरक्षा की खामियों का आरोप

पुलिस के हवाले से उपलब्ध विवरण के अनुसार, शिकायत में इमारत की आग से बचाव की व्यवस्थाएं बंद होने और आपातकालीन निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने का मुद्दा उठाया गया है। हाइड्रंट, स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म की स्थिति जांच का हिस्सा है। छत की ओर जाने वाले दरवाजे और एस्केप रूट को लेकर भी आरोप हैं।

आचोले थाने के उपनिरीक्षक धनंजय गर्जे की शिकायत पर कार्रवाई होने की जानकारी सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुजितकुमार पवार के हवाले से आगे की जांच जारी रहने की बात बताई गई है। FIR में नाम आना आरोपों की जांच का चरण है; जिम्मेदारी और दोष का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

14 अक्टूबर के हादसे के बाद क्या हुआ?

नालासोपारा–वसई लिंक रोड की इस इमारत की बी विंग में रात को आग लगी थी। दो महिलाओं की जान जाने के साथ कई लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल शुरू की।

इसके पहले महापालिका की ओर से विकासक और सोसायटी को सुरक्षा खामियां दूर करने का नोटिस देने की खबर आई थी। उसमें अग्निशमन उपकरण दुरुस्त करने और निकासी के रास्ते खुले रखने जैसे निर्देश थे। वह प्रशासनिक कार्रवाई थी; अब दर्ज आपराधिक मामला अलग जांच प्रक्रिया है।

आगे जांच में क्या स्पष्ट होना है?

अग्निसुरक्षा व्यवस्था की देखरेख किसकी जिम्मेदारी थी, उपकरण कब से बंद थे और निकासी में क्या बाधाएं थीं—इन सवालों पर साक्ष्यों की जांच अहम होगी। उपलब्ध जानकारी में किसी की गिरफ्तारी या डेवलपर पक्ष का विस्तृत जवाब पुष्ट नहीं है। इसलिए इस स्तर पर ऐसी कोई बात निश्चित रूप से नहीं कही जा रही है।

संबंधित पृष्ठभूमि: इम्पेरियल हाइट्स को दी गई अग्निसुरक्षा नोटिस की पिछली रिपोर्ट।