मुंबई | 6 नवंबर 2026: मुलुंड के दीनदयाल उपाध्याय महानगरपालिका स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को दिए जा रहे मिड-डे मील की व्यवस्था को लेकर अभिभावकों ने भेदभाव और गुणवत्ता से जुड़े सवाल उठाए हैं। इस परिसर में पांच अलग भाषा माध्यम के स्कूल चलते हैं। शिकायत यह है कि कुछ माध्यमों के लिए भोजन आपूर्तिकर्ता बदला गया, जबकि मराठी और कन्नड़ माध्यम के बच्चों को अब भी पुराने आपूर्तिकर्ता से भोजन मिल रहा है।

शिकायत कहां से शुरू हुई?

अभिभावकों के अनुसार अगस्त में अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को दिए गए भोजन में बाल और छोटे पत्थर मिलने की शिकायत सामने आई थी। यह मुद्दा स्कूल प्रबंधन समिति के सामने उठाया गया और महानगरपालिका के संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी माध्यम के लिए भोजन आपूर्ति की व्यवस्था में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई।

अंग्रेजी माध्यम में 10 अक्टूबर से सुचिता महिला मंडल द्वारा भोजन आपूर्ति शुरू होने की बात कही गई है। दूसरी ओर मराठी और कन्नड़ माध्यम में त्रिमूर्ति महिला मंडल की सेवा जारी है। अभिभावक पूछ रहे हैं कि यदि शिकायत एक ही परिसर और एक ही आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी थी, तो फैसला सभी माध्यमों पर समान रूप से क्यों लागू नहीं हुआ।

स्कूल भवन को लेकर भी चिंता

मिड-डे मील के साथ स्कूल परिसर में अधूरे निर्माण कार्य और पूर्ण अनापत्ति प्रमाणपत्र की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। अभिभावकों का कहना है कि अधूरा काम बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम बन सकता है। इन दावों की महानगरपालिका स्तर पर विस्तृत पुष्टि अभी बाकी है। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने संबंधित विभागों से जानकारी लेने के बाद जवाब देने की बात कही है।

मुंबई में स्कूलों की मान्यता और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा व्यापक सवाल भी बना हुआ है। पढ़ें—164 अनधिकृत स्कूलों में से सिर्फ नौ बंद होने की स्थिति। डिजिटल शिक्षा से जुड़े स्थानीय प्रयासों की जानकारी के लिए पढ़ें—नालासोपारा की 41 जिला परिषद स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम।

किन सवालों का जवाब जरूरी?

मिड-डे मील के नमूनों की जांच हुई या नहीं, आपूर्तिकर्ता बदलने का लिखित आधार क्या था और पांचों माध्यमों के लिए समान गुणवत्ता मानक कैसे लागू किए जा रहे हैं—इन प्रश्नों पर BMC शिक्षा विभाग की स्पष्ट जानकारी अपेक्षित है। बच्चों के भोजन से जुड़ी शिकायत में पारदर्शी जांच और नियमित गुणवत्ता परीक्षण सबसे महत्वपूर्ण है।