नालासोपारा: नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके में एक स्थानीय विवाद ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार लाठी, लोहे की रॉड और पत्थर लेकर पहुंचे करीब 50 से 60 लोगों के समूह ने आठ से नौ चॉलों में घुसकर घरों और वहां रखे सामान में तोड़फोड़ की। हमले में लगभग 30 से 35 घरों की खिड़कियों, दरवाजों, बिजली मीटर बॉक्स, पानी के ड्रम और कुछ दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है।

घटना 2 नवंबर की रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच हुई। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और घरों पर हमला शुरू करने से इलाके में दहशत फैल गई। कई परिवारों ने सुरक्षा के लिए अपने घर बंद कर दिए, जबकि कुछ लोगों के आसपास के सुरक्षित स्थानों पर जाने की बात भी सामने आई है। राहत की बात यह है कि प्रारंभिक पुलिस जानकारी में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

कुत्ते को लात मारने के विवाद से कैसे बिगड़ी स्थिति?

पुलिस के मुताबिक इस हिंसा की शुरुआत एक दिन पहले हुए विवाद से जुड़ी है। आरोप है कि 1 नवंबर की रात संतोष भुवन इलाके का एक युवक श्रीराम नगर से गुजरते समय गली में मौजूद कुत्ते को लात मार बैठा। वहां रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद युवक के साथ कथित मारपीट हुई। इस संबंध में पेल्हार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

जोन-3 के पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे के अनुसार, अगले दिन हुआ हमला पहले विवाद का बदला लेने के लिए किए जाने की आशंका है। यह अभी पुलिस का प्रारंभिक दावा है। हमला किसने संगठित किया, भीड़ में कौन-कौन लोग शामिल थे और हथियार कहां से लाए गए—इन सवालों की जांच जारी है।

40 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला

पेल्हार पुलिस ने दंगा, गैरकानूनी जमाव, धमकी, हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में 40 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान की है, जबकि बाकी लोगों को घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पहचानने का प्रयास किया जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। इलाके में पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है ताकि दोनों पक्षों के बीच दोबारा तनाव न बढ़े। पुलिस यह भी जांच रही है कि हमले से पहले लोगों को किस माध्यम से बुलाया गया और क्या किसी ने योजनाबद्ध तरीके से भीड़ इकट्ठी की थी।

अफवाहों से बचने की जरूरत

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। अलग-अलग पोस्ट में हमलावरों की संख्या और उनके पास मौजूद हथियारों को लेकर अलग दावे किए गए हैं। ऐसे में पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने तक अपुष्ट वीडियो या किसी समुदाय की पहचान से जुड़े दावे आगे बढ़ाना इलाके में तनाव बढ़ा सकता है।

श्रीराम नगर की घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में पुलिस गश्त, तत्काल प्रतिक्रिया और स्थानीय विवादों को समय रहते शांत कराने की जरूरत फिर सामने रखी है। एक छोटे विवाद के बाद दर्जनों परिवारों के घरों पर हमला होना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

MCS ने इससे पहले नालासोपारा मनपा अस्पताल में मरीज पर कथित हमले और अस्पताल प्रशासन के पक्ष पर रिपोर्ट की थी। ताजा मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई, पहचान और गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।