वसई। “एक पुस्तक व्यक्ति के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है।” राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद मराठे ने संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय, वसई में आयोजित विशेष कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किया। पुस्तकों के महत्त्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और नागरिकों से मुंबई पुस्तक महोत्सव 2026 में बड़ी संख्या में सहभागी होने की अपील की।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) और संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय के ग्रंथालय विभाग ने मुंबई पुस्तक महोत्सव, 2026 के उपलक्ष्य में संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया। प्रमुख अतिथि प्रो. मराठे ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की गतिविधियों और आगामी महोत्सव की जानकारी दी। इस अवसर पर दुर्लभ पुस्तकों तथा दिवाली विशेषांकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

वसई के संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय में मुंबई पुस्तक महोत्सव की प्रचार सामग्री के साथ अतिथि और आयोजक।
मुंबई पुस्तक महोत्सव, 2026 की प्रचार सामग्री के साथ कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि एवं आयोजक। फोटो: संपादक द्वारा उपलब्ध कराया गया।

डॉ. आंबेडकर के जीवन का दिया उदाहरण

प्रो. मराठे ने अपने संबोधन में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक दादा केळुसकर द्वारा भेंट की गई गौतम बुद्ध की जीवनी ने डॉ. आंबेडकर के विचारों पर गहरा प्रभाव डाला।

प्रो. मराठे के अनुसार, इस पुस्तक ने डॉ. आंबेडकर को बुद्ध के समानता संबंधी दर्शन की ओर प्रेरित किया और उनके वैचारिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने व्यक्ति के जीवन और विचारों को दिशा देने में पुस्तकों की शक्ति बताई।

मुंबई पुस्तक महोत्सव 2026 में सहभागिता का आह्वान

प्रो. मराठे ने बताया कि मुंबई पुस्तक महोत्सव का आयोजन 24 से 29 नवंबर, 2026 तक मुंबई विश्वविद्यालय के सांताक्रूज-कलिना परिसर में किया जाएगा। उनके अनुसार, महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा और सभी के लिए प्रवेश निःशुल्क होगा। इसमें 500 पुस्तक स्टॉलों पर 400 प्रकाशकों की विभिन्न विषयों और भाषाओं की हजारों पुस्तकें उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में उपलब्ध पुस्तकों में से कोई एक पुस्तक भी पाठक के हृदय को स्पर्श कर उसके जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने वसई के विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा विभिन्न आवासीय सोसायटियों के नागरिकों से सामूहिक रूप से महोत्सव में आने का आह्वान किया।

वसई के महाविद्यालय के सभागार में मुंबई पुस्तक महोत्सव की प्रचार सामग्री दिखाते प्रतिभागी।
मुंबई पुस्तक महोत्सव की प्रचार सामग्री के साथ कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी। फोटो: संपादक द्वारा उपलब्ध कराया गया।

दुर्लभ पुस्तकों और दिवाली विशेषांकों की प्रदर्शनी

कार्यक्रम में वर्ष 1890 से 2000 के बीच प्रकाशित दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। ये पुस्तकें डॉ. गोविंद वढवेकर की स्मृति में महाविद्यालय के ग्रंथालय को सप्रेम भेंट की गई हैं। इसके साथ ही वी.के. बुक एजेंसी, मुंबई के गुरुनाथ शेट्ये ने पचास से अधिक दिवाली विशेषांकों की प्रदर्शनी प्रस्तुत की।

प्रार्थना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रशासक फादर डॉ. अनिल परेरा की प्रार्थना से हुआ। उन्होंने उपस्थितजनों को आशीर्वाद दिया और पुस्तकों के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उपप्राचार्य सरिथा कुरियन ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्राचार्य डॉ. सोमनाथ विभुते ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रामदास तोंडे ने प्रमुख अतिथि का परिचय कराया।

इस अवसर पर एडवोकेट सुधीर गायकवाड़, डॉ. श्रीराम पाटील, प्रा. मंदार भानुसे, चिन्मय गवाणकर, साहित्यकार वीणा गवाणकर, सायमन मार्टीन, रेमंड मच्याडो, वरिष्ठ पत्रकार अनिलराज रोकडे, सुहास बीऱ्हाडे, प्रज्ञा मिस्त्री और नजीर मुलानी उपस्थित थे।

वसई-विरार क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों के ग्रंथपाल डॉ. अजय कांबले, डॉ. दिनेश सनदी, देविदास कलवले, संदेश डोंगरे और शर्मिला कोल्यासो भी कार्यक्रम में सहभागी हुए। प्राचार्य शोभना वाझ, उपप्राचार्य डॉ. सुभाष डिसोझा तथा नांदेड़ के पूर्व सूचना वैज्ञानिक रणजीत धर्मापुरीकर की विशेष उपस्थिति रही।

अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल सोनवणे ने सूत्रसंचालन किया और ग्रंथपाल डॉ. चैतन्य वीर ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा गैर-शिक्षण कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। आयोजन को सफल बनाने में ग्रंथालय के कर्मचारियों और रीडर्स क्लब के विद्यार्थियों ने सहयोग किया।

यह भी पढ़ें

संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय में हिंदी सप्ताह एवं हिंदी दिवस का आयोजन

संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय के विशेष कार्यक्रम में दीप और चित्र के पास खड़े गणमान्य अतिथि।
संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय, वसई में आयोजित विशेष कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथि। फोटो: संपादक द्वारा उपलब्ध कराया गया।