महाराष्ट्र में खाने-पीने के सामान की जाँच के दायरे में अब आटा भी शामिल होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया है कि पैकिंग करके बेचे जा रहे आटे में मिलावट और समय-सीमा खत्म होने के बाद भी बिक्री की जानकारी मिलने पर राज्यभर में निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

पुणे के कार्यक्रम में दी जानकारी

मुंढे ने रविवार, 1 नवंबर को पुणे में पूना मर्चेंट्स चेंबर के दिवाली लाडू-चिवड़ा बिक्री केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में यह जानकारी दी। सोमवार को सामने आए विवरण के मुताबिक जाँच पोली, भाकरी और दूसरे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले आटे से जुड़ी होगी।

विभाग को कुछ जगह एक्सपायर्ड आटा फिर बाजार में लाए जाने और पैक्ड आटे में मिलावट की सूचना मिली है। यह जाँच का आधार है; इससे हर दुकान या बाजार में बिकने वाले सभी आटे को खराब घोषित नहीं किया जा सकता। किसी खास ब्रांड या बैच को लेकर इस घोषणा में अलग निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

दिवाली के फराल की भी जाँच

आयुक्त ने दिवाली पर बिकने वाले फराल की जाँच आगे जारी रखने और नियमों में कमी मिलने पर कार्रवाई की बात कही। तेल, मसाले, दूध, घी और पनीर जैसे उत्पादों के निरीक्षण पहले से हो रहे हैं। आटे का नया फोकस उसी खाद्य सुरक्षा अभियान के बीच सामने आया है।

उन्होंने कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करने को कहा। साथ ही अधिकारियों की ओर से बेवजह परेशान करने या पैसे मांगने की शिकायत हो तो प्रमाण सहित शिकायत करने की बात कही। केवल निरीक्षण होने को अपने आप उत्पीड़न मानना भी सही नहीं बताया गया।

खरीदार किन बातों पर ध्यान दें

पैकेट पर उत्पाद का नाम, बैच, पैकिंग की तारीख, इस्तेमाल की समय-सीमा और भंडारण के निर्देश देखें। बिल और पैकिंग संभालकर रखना संदिग्ध उत्पाद की पहचान में मदद करता है। बिना जांच किसी ब्रांड को मिलावटी बताने के बजाय संबंधित विभाग को उपलब्ध तथ्य देना बेहतर है।

एक्सपायर्ड खाद्य माल को दोबारा बिक्री से रोकने की पृष्ठभूमि में स्टॉक नष्ट करने के प्रमाण और रिकॉर्ड पर FDA की पिछली कार्रवाई भी प्रासंगिक है। मौजूदा घोषणा में आटे पर कोई राज्यव्यापी बिक्री प्रतिबंध या नया बाजार भाव तय नहीं किया गया है।