मुंबई: परेल के KEM अस्पताल में स्कैन और डिजिटल इमेजिंग की मदद से पोस्टमार्टम की जांच करने वाले वर्चुअल ऑटोप्सी केंद्र की तैयारी आगे बढ़ी है। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, BMC ने 30 अक्टूबर को करीब ₹17 करोड़ के आधुनिक शवगृह परिसर के लिए टेंडर जारी किया। प्रस्तावित परिसर में भूतल के ऊपर पांच मंजिलें होंगी।

टेंडर प्रक्रिया की अगली तारीखें

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्री-टेंडर बैठक 5 नवंबर और बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर रखी गई है। अस्पताल के डीन डॉ. हरीश पाठक के हवाले से बताया गया है कि टेंडर तय होने के बाद परियोजना करीब 11 महीने में तैयार करने की अपेक्षा है। इसे आज से गिनी हुई उद्घाटन की पक्की तारीख नहीं समझना चाहिए।

वर्चुअल ऑटोप्सी में क्या करने की योजना है?

KEM के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस योजना को भविष्य की सुविधाओं में शामिल किया गया है। उसमें पोस्टमार्टम मल्टी-स्लाइस CT, यानी PMCT, के इस्तेमाल का उल्लेख है। स्कैन से मिली जानकारी विशेषज्ञों को शरीर के भीतर की चोटों की जांच में मदद दे सकती है।

विभाग की योजना में डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने और जरूरत होने पर दूसरे विशेषज्ञों से दोबारा उसका विश्लेषण कराने की सुविधा भी शामिल है। डॉक्टरों और तकनीशियनों के प्रशिक्षण की जरूरत का उल्लेख भी किया गया है।

योजना की पृष्ठभूमि पहले से मौजूद

अस्पताल की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में भी KEM को BMC के वर्चुअल ऑटोप्सी पायलट प्रोजेक्ट का केंद्र चुने जाने की जानकारी है। इसलिए मौजूदा टेंडर की खबर को पहले से चल रही तैयारी के अगले चरण के रूप में देखना चाहिए।

सरकारी अस्पतालों में नई सुविधाओं की चर्चा के साथ उनकी उपलब्धता और संचालन भी महत्वपूर्ण हैं। इस व्यापक संदर्भ में सरकारी अस्पतालों की सेवाओं और स्वास्थ्य खर्च पर MCS की पड़ताल पढ़ी जा सकती है। वह अलग विश्लेषण है, इस केंद्र की फीस या संचालन का आदेश नहीं।

अभी कौन-सी बात साफ नहीं है?

वर्तमान सामग्री में केंद्र के चालू होने का अंतिम दिन या हर मामले में लागू जांच प्रक्रिया की पुष्टि नहीं है। सभी पोस्टमार्टम दस मिनट में हो जाएंगे या हर जांच में पारंपरिक प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, ऐसा दावा नहीं किया जा रहा है। निविदा आवंटन और अस्पताल की आगे की सूचना से संचालन की स्थिति स्पष्ट होगी।