मुंबई: मुंबई लोकल में बिना टिकट और गलत श्रेणी में सफर करने वालों पर नजर रखने के लिए पश्चिम रेलवे ने अब टिकट जांच के साथ बॉडीकैम का इस्तेमाल तेज कर दिया है। फिलहाल 15 टिकट चेकर्स विशेष जैकेट पर कैमरा लगाकर काम कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में इन टीमों ने प्रतिदिन करीब 1,400 बिना टिकट या नियमों के उल्लंघन वाले मामले पकड़े हैं। सामान्य दिनों में यह औसत करीब 300 मामलों का बताया गया है।

यह कार्रवाई पश्चिम रेलवे के विशेष टिकट जांच अभियान का हिस्सा है। कैमरे से जांच की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होने के कारण टिकट चेकर और यात्री—दोनों पक्षों के व्यवहार का दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। रेलवे को उम्मीद है कि इससे विवाद की स्थिति में वास्तविक घटनाक्रम समझना आसान होगा और कर्मचारियों पर हमले या दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।

15 बॉडीकैम से शुरुआत, 1,000 कैमरे खरीदने की तैयारी

अभी पश्चिम रेलवे के पास 15 बॉडीकैम उपलब्ध हैं। इन्हें पहनने वाले टिकट चेकर्स काली जैकेट में प्रमुख स्टेशनों और लोकल ट्रेनों में जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया है कि रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर सबूत के रूप में और कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए किया जा सकता है। रेलवे भविष्य में कम से कम 1,000 बॉडीकैम खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। एक कैमरे की अनुमानित कीमत लगभग 10 हजार रुपये बताई गई है।

शुरुआती परीक्षण में कैमरों के लगातार चलने से गर्म होने और वजन से जुड़ी शिकायतें मिली थीं। इसके बाद हल्के और अधिक टिकाऊ मॉडल चुने गए। रेलवे का कहना है कि नए कैमरे लंबे समय तक पहनने में अपेक्षाकृत सुविधाजनक हैं और कर्मचारियों के स्वास्थ्य या काम में बाधा नहीं बनेंगे।

AC लोकल और बड़े स्टेशनों पर खास नजर

यह अभियान मुख्य रूप से वातानुकूलित लोकल सेवाओं और बोरीवली, अंधेरी तथा बांद्रा जैसे व्यस्त स्टेशनों पर केंद्रित है। पश्चिम रेलवे का विशेष जांच अभियान 14 नवंबर तक जारी रहने वाला है। इससे पहले मेट्रो सिटी समाचार ने ‘ऑपरेशन दीप’ के तहत चल रही सघन टिकट जांच की जानकारी दी थी। बॉडीकैम उसी अभियान को तकनीकी रूप से मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

पश्चिम रेलवे के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच करीब 18 लाख बिना टिकट यात्रियों के मामले पकड़े गए और लगभग 138 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। ऐसे में कैमरे के साथ जांच बढ़ने से आने वाले दिनों में कार्रवाई और सख्त हो सकती है। यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट या पास रखें और जिस श्रेणी का टिकट लिया है, उसी श्रेणी में सफर करें।