Palghar Village Water Crisis : दातिवरे गांव में मटमैला,दूषित पानी लेकर आए जिला प्रशासन के टैंकर

Palghar Village Water Crisis
Palghar Village Water Crisis : तमाम प्रयासों के बाद जिला प्रशासन,पालघर द्वारा टैंकर से गांव में पानी की आपूर्ति शुरू तो की गई,लेकिन टैंकर का पानी गंदा और मटमैला होने के कारण ग्रामीण पूछ रहे हैं कि ‘क्या ऐसा पानी पीकर हमें बीमार पड़ जाना चाहिए? ग्रामीणों को बोतल से ही प्यास बुझानी पड़ रही है।
दातिवरे में रह रहे ग्रामीणों के लिए जलापूर्ति एक गंभीर समस्या थी,ग्रामीणों एवं मीडिया संस्थानों की शिकायतों पर जिला प्रशासन,पालघर ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए गांव में टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू तो कर दी,लेकिन टैंकरों का पानी गंदा और मटमैला होने के कारण ग्रामीण पूछ रहे हैं कि ‘क्या हमें ऐसा पानी पीकर बीमार पड़ जाना चाहिए? ग्रामीणों को बोतल से ही प्यास बुझानी पड़ रही है।
केल्वे-माहिम क्षेत्रीय नल जल आपूर्ति योजना 17 गांवों के लिए डिज़ाइन की गई है। 1980 की 44 साल पुरानी योजना को गांव पर शासन करने वाले कई राजनीतिक दलों ने नजरअंदाज कर दिया है,और ग्रामीणों को बमुश्किल महीने में एक बार पीने का पानी मिलता है। इसके अलावा प्यास बुझाने के लिए उन्हें पानी की बोतलें भी खरीदनी पड़ रही हैं।
ग्राम विकास अधिकारी एस.बी.ठाकरे ने पानी के लिए मंडल अधिकारियों को प्रस्ताव सौंपा है। श्री ठाकरे कहते हैं. ग्रामीणों एवं मीडिया संस्थानों की शिकायतों के बाद हुई बैठक में जीवन प्राधिकरण विभाग ने दावा किया कि माईखोप में मरम्मत कार्य के बाद पानी आया. हालांकि,ग्रामीणों का कहना है कि यह झूठ है.
दातिवरे के ग्रामीणों को करना पड़ेगा और एक वर्ष का इन्तेज़ार
दतिवारे समेत 17 गांवों के लोगों के लिए जीवन प्राधिकरण ने करीब 56 करोड़ की नई जलापूर्ति योजना पर काम शुरू किया है. इसमें कम से कम एक साल और लगेगा.तब तक दतिवारे गांव के ग्रामीणों के लिए पानी की समस्या अधर में लटकी रहेगी.
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