Senior Mumbai Cop Bribery Case 2025: मुंबई के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, एसीबी ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को किया गिरफ्तार
मुंबई: शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बाबूराव मधुकर देशमुख (उम्र 57) को मुंबई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उसी पुलिस स्टेशन में की गई, जहां देशमुख तैनात थे।
जानकारी के अनुसार, बाबूराव देशमुख ने एक शैक्षणिक ट्रस्ट से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह रकम 2.5 लाख रुपये पर तय हुई। जब शिकायतकर्ता पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचा, तभी ACB ने जाल बिछाकर देशमुख को रंगे हाथ पकड़ लिया।
शिकायतकर्ता एक शैक्षणिक ट्रस्ट का ट्रस्टी है। उसने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त 2024 को कुछ लोगों ने जबरन स्कूल का गेट तोड़कर परिसर में घुसपैठ की थी। इस मामले में ट्रस्टी ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन और चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
👉 रिश्वत की मांग और जाल बिछाकर गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, बाबूराव देशमुख ने एक शैक्षणिक ट्रस्ट के ट्रस्टी से 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद यह राशि 2.5 लाख रुपये तय हुई। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी ACB को दी, जिसके बाद एक विशेष टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को जब शिकायतकर्ता ने देशमुख को 1 लाख रुपये की पहली किस्त सौंपी, तब ACB की टीम ने पुलिस स्टेशन में ही उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
👉 मामला क्या है?
शिकायतकर्ता एक शैक्षणिक ट्रस्ट का ट्रस्टी है। 15 अगस्त 2024 को कुछ लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर स्कूल गेट को तोड़ दिया और जबरन स्कूल परिसर में घुसपैठ की। इस घटना के बाद ट्रस्टी ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन और चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसके बजाय वरिष्ठ निरीक्षक देशमुख ने उसे मदद करने के एवज में 3 लाख रुपये की मांग की। वह चाहते थे कि पुलिस स्कूल में जबरन घुसने वालों को रोके, जब तक चैरिटी कमिश्नर का अंतिम आदेश न आ जाए।
👉 ACB की आधिकारिक पुष्टि
ACB मुंबई के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत सही पाए जाने के बाद योजना बनाकर देशमुख को ट्रैप किया गया। जैसे ही उन्होंने 1 लाख रुपये की नकद रिश्वत स्वीकार की, ACB टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
👉 पुलिस विभाग पर सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि आम नागरिक, खासकर संस्थागत शिकायतकर्ता, पुलिस से न्याय की उम्मीद कैसे करें, जब पुलिस अधिकारी ही कानून का दुरुपयोग कर रहे हों। ऐसे मामलों से ईमानदार पुलिसकर्मियों की छवि भी धूमिल होती है।
📌 अगली कार्रवाई
13 मई, 2025 को किए गए एक सत्यापन अभियान के दौरान, देशमुख को 1,00,000 रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते हुए पकड़ा गया था। उन्हें तुरंत एक ट्रैप ऑपरेशन में एसीबी टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया।
देशमुख को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच हो रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहे हैं या किसी रैकेट का हिस्सा हैं।