मुंबई: किसी हाई-प्रोफाइल फायरिंग में गोली चलाने वाले चेहरे सबसे आखिर में दिखाई देते हैं। उससे पहले पैसा कहां से आया, बाइक किसने खरीदी, ठहरने और आने-जाने का खर्च किसने उठाया—अक्सर साजिश की असली दिशा इन्हीं सवालों से खुलती है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग की जांच अब इसी वित्तीय कड़ी पर आकर टिक गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि कई बैंक खातों, ऑनलाइन पेमेंट चैनलों और अलग-अलग क्यूआर कोड के बीच घुमाई गई छोटी रकम आखिर किस स्रोत से निकली और किन लोगों तक पहुंची।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वांछित आरोपी अनिल पंडित ने कथित तौर पर ऐसा भुगतान नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें किसी एक खाते से सीधे पूरी रकम भेजने के बजाय कई खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए छोटी-छोटी रकम आगे बढ़ाई जाती थी। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस व्यवस्था का मकसद धन के वास्तविक स्रोत, अंतिम लाभार्थी और साजिश की कमान संभालने वाले लोगों के बीच सीधा संबंध छिपाना था। हालांकि इन आरोपों पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है।
25 से 30 खातों के बीच घूमी रकम?
क्राइम ब्रांच की तकनीकी और वित्तीय जांच में गिरफ्तार 12वें आरोपी अमर सुरेश मुँदेलिया का बैंक खाता अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि अमर के खाते तक पैसा पहुंचाने के लिए करीब 25 से 30 अलग-अलग बैंक खातों, कई ऑनलाइन पेमेंट चैनलों और अलग-अलग क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया। रकम को छोटे हिस्सों में भेजे जाने के कारण हर ट्रांजैक्शन अपने आप में सामान्य दिखाई दे सकता था, लेकिन सभी लेन-देन को जोड़कर देखने पर एक बड़ा नेटवर्क उभरने का दावा किया जा रहा है।
शुरुआती छानबीन में अमर के खाते से जुड़े करीब 50 हजार रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल किए जाने की जानकारी है। जांच अभी जारी है, इसलिए अंतिम रकम इससे अधिक या अलग हो सकती है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि इन खातों के वास्तविक संचालक कौन थे, रकम जमा करने वालों को उसके इस्तेमाल की जानकारी थी या नहीं और क्या खातों के बदले किसी तरह का कमीशन दिया गया।
अमर और कुणाल के सीधे संपर्क की जांच
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, अमर कथित तौर पर कुणाल के साथ-साथ अनिल पंडित के संपर्क में भी था। क्राइम ब्रांच को संदेह है कि बैंक खाते उपलब्ध कराने और रकम आगे भेजने के बदले उसे निश्चित कमीशन मिलता था। अब उसके मोबाइल फोन, बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड और संपर्कों का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि निर्देश किसने दिया और हर भुगतान का अंतिम उद्देश्य क्या था।
बाइक के लिए ₹25 हजार इसी खाते से भेजने का आरोप
इस वित्तीय जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल की खरीद से जुड़ी है। जांच एजेंसी के अनुसार, कुणाल के कथित निर्देश पर अमर ने रैपिडो राइडर ऋतिक कुमार के बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि रकम मिलने के बाद ऋतिक ने बाइक के मालिक को कुछ भुगतान ऑनलाइन और बाकी नकद देकर वाहन खरीदा।
यही बाइक फायरिंग के बाद अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास छोड़े जाने और पुलिस द्वारा बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बाइक बरामदगी से जुड़ी MCS की विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें।
सूत्रों के मुताबिक, अमर के खाते से कथित शूटर रेहान और कुछ अन्य सह-आरोपियों तक भी छोटी रकम भेजी गई। जांच एजेंसी अब यह देख रही है कि ये भुगतान यात्रा, होटल, वाहन, मोबाइल सिम, रोजमर्रा के खर्च या किसी दूसरे उद्देश्य के लिए किए गए थे। केवल बैंक ट्रांजैक्शन का होना अपने आप में किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका साबित नहीं करता; रकम का उद्देश्य और उसे भेजने वाले के ज्ञान की जांच जरूरी होगी।
अभियोजन ने मांगी हिरासत, बचाव पक्ष ने किया विरोध
हरियाणा से गिरफ्तार किए गए अमर को शनिवार, 31 अक्टूबर को मुंबई की विशेष अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी के खाते से हुए लेन-देन, रकम के स्रोत, डिजिटल ऐप और दूसरे लाभार्थियों की पहचान के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मोबाइल फोन पहले ही पुलिस के पास है और बैंक रिकॉर्ड संबंधित संस्थानों की मदद से हासिल किए जा सकते हैं, इसलिए लंबी पुलिस हिरासत आवश्यक नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अमर को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इससे पहले मामले के अन्य आरोपियों की पुलिस हिरासत और मकोका के तहत जांच पर हुई सुनवाई से जुड़ी MCS की यह रिपोर्ट भी पढ़ें।
अब जांच के सामने पांच बड़े सवाल
- कथित भुगतान नेटवर्क में शामिल 25 से 30 खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं?
- अलग-अलग क्यूआर कोड और ऑनलाइन चैनलों से रकम किसने जमा कराई?
- अमर को कथित तौर पर कितना कमीशन मिला और क्या उसे रकम के अंतिम इस्तेमाल की जानकारी थी?
- बाइक, होटल, यात्रा और आरोपियों के दूसरे खर्चों के लिए कुल कितनी रकम भेजी गई?
- क्या वित्तीय रिकॉर्ड वांछित आरोपी अनिल पंडित तक सीधी कड़ी स्थापित करते हैं?
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल मैदान से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके चालक और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति को चोटें आई थीं। मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अनिल पंडित को वांछित आरोपी बताया गया है। फिलहाल मनी ट्रेल से जुड़े सभी निष्कर्ष जांच के स्तर पर हैं; आरोपियों की दोषसिद्धि या बेगुनाही का फैसला अदालत करेगी।




