मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग की जाँच अब आरोपियों तक पहुँची रकम और उसके इस्तेमाल पर केंद्रित है। पुलिस ने विशेष मकोका अदालत में दावा किया है कि सुनेहा पंडित अपने पति के बैंक खाते का संचालन करती थी और उस खाते से मामले के दूसरे आरोपियों को रकम भेजी गई। अदालत ने 3 नवंबर को उसे 16 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा।

करनाल से गिरफ्तारी, खाते के इस्तेमाल की पड़ताल

22 वर्षीय सुनेहा को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया था। उसे इस मामले में गिरफ्तार 13वीं आरोपी बताया गया है। वह वांछित आरोपी अनिल पंडित की रिश्तेदार है। जाँच में पुलिस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, डिजिटल भुगतान और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियाँ जोड़ रही है।

बाइक और ठहरने के खर्च तक पहुँची जाँच

अदालत में अभियोजन की ओर से रखी गई जानकारी के अनुसार, जाँच में सामने आई रकम का इस्तेमाल आरोपियों की आवाजाही और ठहरने की व्यवस्था से जुड़ा बताया गया है। पुलिस बाइक खरीदने और ठिकाने की व्यवस्था के लिए भेजे गए पैसों का संबंध फायरिंग की तैयारी से जोड़ने की कोशिश कर रही है। बैंक खातों से बाइक के भुगतान तक पहुँची पिछली जाँच में भी रकम भेजने वाले लोगों और प्राप्तकर्ताओं की भूमिका सामने आई थी।

डिजिटल भुगतान के पीछे किसकी भूमिका

पुलिस के आरोपों के मुताबिक, डिजिटल भुगतान की व्यवस्था के जरिए मुंबई में मौजूद आरोपियों तक आर्थिक मदद पहुँचाई गई। खाते का संचालन, पैसे भेजने के निर्देश और रकम के अंतिम उपयोग की जाँच से यह स्पष्ट होना है कि किस आरोपी ने कौन सी भूमिका निभाई। अदालत में पुलिस की ओर से रखे गए ये आरोप हैं और मामले की जाँच जारी है।

18 अक्टूबर की घटना से शुरू हुई पड़ताल

जुहू में 18 अक्टूबर को फुटबॉल क्लब से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर दोपहिया वाहन से आए हमलावरों ने फायरिंग की थी। उसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और पैसों की आवाजाही की जाँच आगे बढ़ी। सुनेहा से पूछताछ के लिए मिली हिरासत की अवधि में पुलिस आर्थिक लेनदेन से जुड़े सबूतों की पड़ताल कर रही है।