पालघर, 2 नवंबर 2026: वाढवण बंदर परियोजना से जुड़े जमीनधारकों को भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के लंबित मामलों में मदद देने के लिए सोमवार को विशेष शिविर लगाया गया। लोकशाहीर आत्माराम पाटील जिला नियोजन सभागार में हुए इस शिविर में 100 से अधिक लाभार्थी पहुँचे। प्रशासन के अनुसार, जमीन के अभिलेखों की कई गलतियाँ मौके पर सुधारी गईं। जिन मामलों में और जाँच या दस्तावेजों की पूर्ति जरूरी थी, उनमें आवेदकों को आगे की कार्रवाई समझाई गई।
अलग-अलग दफ्तरों के अधिकारी एक ही जगह
जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में प्रांत अधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, भूमि अभिलेख अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आम तौर पर जिन कामों के लिए लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, उनसे जुड़े अधिकारी एक ही सभागार में उपलब्ध रहे।
जमीनधारकों ने अपनी समस्याएँ सीधे अधिकारियों के सामने रखीं। उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि उनके मामले में कौन-सा काम लंबित है और आगे क्या करना होगा। जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों ने मामलों का जायजा लेकर प्रकरण के अनुसार मार्गदर्शन किया।
अधूरे कागजात, वारिस दर्ज करने और हिस्सेदारी के सवाल
शिविर में अधूरे दस्तावेज, राजस्व अभिलेखों में अंतर, वारिसों के नाम दर्ज करने के लंबित काम और जमीन में व्यक्तिगत हिस्सेदारी से जुड़े सवाल रखे गए। अधिकारियों ने कागजात देखकर संबंधित लोगों को जरूरी सहायता दी।
प्रशासन के मुताबिक, कई त्रुटियों का मौके पर ही निपटारा किया गया। जिन मामलों में अधिक पड़ताल या प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था, उनमें आवेदकों को अगला कदम बताया गया। सभी मामलों का अंतिम निपटारा या मुआवजे का भुगतान हो जाने की बात प्रशासन की जानकारी में नहीं कही गई है।
विवादित मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसला
मालिकाना हक, उत्तराधिकार या मुआवजे के बँटवारे पर विवाद वाले मामलों और अदालत में लंबित प्रकरणों में भी जमीनधारकों को लागू प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल विवाद होने से मुआवजा माँगने का दावा समाप्त नहीं होता।
हालाँकि, ऐसे मामलों में पात्रता, हिस्सेदारी और मुआवजे का वितरण कानूनी प्रक्रिया तथा सक्षम प्राधिकारी या अदालत के निर्णय पर निर्भर रहेगा। शिविर में हर मामले की स्थिति के अनुसार मार्गदर्शन दिया गया।
जल्दी मुआवजा दिलाने का भरोसा देने वालों से सावधान
प्रशासन ने जमीनधारकों से अपील की है कि जल्दी मुआवजा दिलाने का आश्वासन देने वाले बिचौलियों या अनधिकृत लोगों पर भरोसा न करें। सही जानकारी और मार्गदर्शन के लिए संबंधित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय, तलाठी कार्यालय या ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने कहा कि पात्र जमीनधारकों के मुआवजे और अन्य देय लाभों की प्रक्रिया कानून के अनुसार, पारदर्शी ढंग से और यथासंभव जल्दी पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। यह शिविर पहले चलाए गए जनसंपर्क प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए व्यक्तिगत समस्याएँ सुनने और प्रक्रिया स्पष्ट करने के लिए आयोजित किया गया।
पिछली खबर: वरोर में वाढवण बंदर के विरोध में सभा और 2 नवंबर के मुआवजा शिविर की जानकारी।
जिला प्रशासन की सामान्य जानकारी और संपर्क विवरण के लिए पालघर जिले की आधिकारिक वेबसाइट देखें।




