वसई: वसई-विरार शहर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव, उफनते नाले और सड़कों पर भरे पानी से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच वसई पूर्व के राजीवली–वाघराल पाड़ा इलाके से एक बेहद भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें तेज पानी के बहाव में दो चारपहिया वाहन बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहने वाले वाहनों में एक वैगनआर कार भी शामिल थी, जिसमें उस समय चालक मौजूद था। तेज बारिश के कारण नाले का पानी अचानक उफान पर आ गया और कार को अपने साथ बहाकर ले गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में कई वाहन तेज पानी के बहाव की चपेट में आए।
बताया जा रहा है कि तेज बहाव में बहती वैगनआर कार काफी दूर तक चली गई। इसी दौरान कार की जोरदार टक्कर पैदल यात्रियों के लिए बने एक छोटे पुल से हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुल मौके पर ही क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरानी जता रहे हैं।
गनीमत रही कि कार पूरी तरह पानी में समाने से पहले चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से बाहर छलांग लगा दी। समय रहते कार से बाहर निकल जाने के कारण उसकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि चालक कुछ देर और कार में रहता तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद स्थानीय नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। इसके साथ ही जेसीबी मशीन बुलाकर तेज बहाव में फंसी और बह गई गाड़ियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। फिलहाल जेसीबी की मदद से वाहनों को पानी के तेज बहाव से निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष इस क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव और नालों के उफान से लोगों की संपत्ति को नुकसान होता है, लेकिन इस बार वाहनों के बह जाने जैसी गंभीर घटना ने प्रशासन की बारिश पूर्व तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी नाला सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की जाती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद नाला सफाई कार्यों और वसई-विरार महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बारिश से पहले नालों की उचित और प्रभावी सफाई नहीं की गई, जिसके चलते पहली ही तेज बारिश में इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा महानगरपालिका की कार्यप्रणाली की नाकामी साफ नजर आती है। कुछ स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नाला सफाई के कार्यों में ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से अनियमितताएं हुई हैं और कहीं न कहीं भ्रष्टाचार के कारण सफाई कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान उफनते नालों, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा अनावश्यक रूप से ऐसे रास्तों का उपयोग न करें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। वहीं, वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।