भारी बारिश, जलभराव और बाधित रेल सेवाओं के बीच स्थायी समाधान की मांग; प्रभावित कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए चार दिन की सवेतन विशेष छुट्टी का भी प्रस्ताव
मुंबई | मेट्रो सिटी समाचार
वसई-विरार में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़, जलभराव, चरमराई यातायात व्यवस्था और नागरिकों को हुई परेशानियों को लेकर वसई की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वसई-विरार की बाढ़ समस्या के स्थायी और प्रभावी समाधान के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की विशेष संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की गई।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने कहा कि वसई-विरार में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे नागरिकों को जान-माल, रोजगार और आवागमन के स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि केवल अस्थायी उपायों तक सीमित रहने के बजाय सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एक दीर्घकालिक कार्य योजना (एक्शन प्लान) तैयार की जाए।
सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक होगी
ज्ञापन में राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC), रेलवे, वसई-विरार महानगरपालिका, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों को शामिल करते हुए एक विशेष संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वसई-विरार की बाढ़ की स्थिति की व्यापक समीक्षा के लिए जल्द ही संबंधित विभागों की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
रेल सेवाएं बाधित होने से हजारों लोग हुए प्रभावित
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि पिछले पांच दिनों में भारी बारिश के कारण रेलवे सेवाएं बार-बार प्रभावित हुईं, जिससे हजारों नौकरीपेशा लोग, उद्योग क्षेत्र के कर्मचारी, व्यवसायी, विद्यार्थी और मुंबई के विभिन्न स्कूलों में पढ़ाने जाने वाले वसई-विरार के महिला एवं पुरुष शिक्षकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चार दिन की सवेतन विशेष छुट्टी की मांग
इन परिस्थितियों को देखते हुए विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि निजी प्रतिष्ठानों, उद्योगों, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत प्रभावित कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए कम से कम चार दिनों की सवेतन (पेड) विशेष छुट्टी घोषित करने के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों को हर साल बाढ़ और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में राज्य सरकार को युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए टिकाऊ और स्थायी समाधान लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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