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Vasai Virar: तेज बारिश के बहाव में बह गई थीं दो कारें, 10 दिन बाद मिलीं तो हालत देख दहल उठे लोग

वसई-विरार में बाढ़ के दौरान बह गई दो कारें 10 दिन बाद नाले से बाहर निकाली गईं
1 जुलाई की भारी बारिश में बह गई दो कारें 600-700 मीटर दूर नाले में मिलीं, जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

राजीवली-वाघरालपाड़ा से बहकर 600-700 मीटर दूर पहुंची थीं गाड़ियां, जेसीबी से बाहर निकाले जाने के बाद सामने आई तबाही की तस्वीर

वसई-विरार: कभी-कभी एक तस्वीर या वीडियो हजार शब्दों से ज्यादा कहानी बयां कर देता है। वसई-विरार में 1 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान सामने आई दो कारों के बहने की घटना भी कुछ ऐसी ही थी। उस दिन राजीवली-वाघरालपाड़ा क्षेत्र में बारिश का पानी इतना विकराल रूप धारण कर चुका था कि देखते ही देखते दो कारें तेज बहाव की चपेट में आ गईं और नाले में बहने लगीं।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि किस तरह पानी का रौद्र रूप वाहनों को खिलौनों की तरह बहाकर ले जा रहा था। उस समय सबसे बड़ी चिंता कारों में सवार लोगों की थी।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि दोनों कारों में मौजूद चालक और उनके परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। कुछ ही पलों की देरी होती तो यह हादसा बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

जानकारी के अनुसार, तेज बहाव में बहने के बाद दोनों कारें घटनास्थल से करीब 600 से 700 मीटर दूर तक पहुंच गई थीं। इनमें से एक कार बहते-बहते Bhoidapada, Vasai स्थित गौशाला आश्रम के पास नाले में समा गई, जबकि दूसरी कार भी कुछ दूरी पर जाकर फंस गई थी। लगातार प्रयासों के बाद शनिवार, 11 जुलाई को दोनों वाहनों को खोजकर जेसीबी मशीन की मदद से बाहर निकाला गया।

बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके..

जब नाले से बाहर निकाली गई कारों को लोगों ने देखा, तो हर कोई हैरान रह गया। दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। कारों की हालत देखकर लोगों की रूह कांप उठी। कई लोगों का कहना था कि यदि किसी ने अपनी आंखों से यह दृश्य नहीं देखा होता, तो शायद इस बात पर यकीन करना भी मुश्किल होता कि इनमें बैठे लोग सुरक्षित बच निकले होंगे।

बाहर निकाली गई कारें इस बात की गवाही दे रही थीं कि 1 जुलाई को पानी का बहाव कितना खतरनाक था। वाहन के टूटे हुए हिस्से और पूरी तरह क्षतिग्रस्त ढांचा उस भयावह बारिश की कहानी खुद बयां कर रहे थे।

जनजीवन को पूरी तरह कर दिया था अस्त-व्यस्त

गौरतलब है कि 1 जुलाई से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने वसई-विरार के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, सड़कें पानी में डूब गई थीं, बिजली और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई थीं और हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। 7 जुलाई तक लगातार हुई बारिश ने शहर को लंबे समय तक संकट में डाल दिया था।

अब, हादसे के 10 दिन बाद जब दोनों कारें नाले से बाहर निकाली गई हैं, तो उनकी हालत देखकर लोग एक बार फिर उस भयावह मंजर को याद कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह चालक और उनके परिवारों का सौभाग्य था कि वे समय रहते वाहनों से बाहर निकल गए। वरना यह घटना वसई-विरार की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बन सकती थी।

सवाल अब भी कायम है…

जब कुछ घंटों की बारिश में दो कारें सैकड़ों मीटर तक बह सकती हैं, तो आखिर शहर की जल निकासी व्यवस्था कितनी सुरक्षित है? और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं?

रिपोर्ट: मेट्रो सिटी समाचार
📍 वसई-विरार

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