बोरीवली पूर्व में BEST बस सुविधा के लिए आरक्षित जमीन से अतिक्रमण हटाने में देरी का मामला अब मुंबई महानगरपालिका की आंतरिक जवाबदेही तक पहुंच गया है। BMC ने विधि विभाग का कार्यभार कोमल पंजाबी से वापस लेकर संयुक्त कानून अधिकारी सुखश्री मोदले को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। 6 नवंबर को जारी प्रशासनिक व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहने की जानकारी सामने आई है।

कारण बताओ नोटिस के बाद बदली जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद पंजाबी और सहायक आयुक्त प्रफुल्ल तांबे से मामले में उनकी भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद विधि विभाग की जिम्मेदारी बदलने का कदम उठाया गया। मोदले अपने मौजूदा पद के साथ यह अतिरिक्त काम संभालेंगी।

कार्यभार वापस लेना और किसी आरोप का अंतिम रूप से साबित होना अलग बातें हैं। अधिकारियों को दिए गए नोटिस पर उनके जवाब और प्रशासन की आगे की कार्रवाई का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। इस बदलाव को सेवा से बर्खास्तगी या आपराधिक दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

अदालत ने और समय देने से किया था इनकार

3 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पुराने निर्देशों का पालन न होने पर BMC से कड़े सवाल किए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनुपालन के लिए मांगे गए अतिरिक्त 30 दिन देने से इनकार किया। निगम पर ₹5 लाख का खर्च लगाने और आयुक्त अश्विनी भिड़े का नवंबर का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए थे।

इसके अगले दिन, 4 नवंबर को निगम ने बोरीवली पूर्व के संबंधित भूखंड पर तोड़क कार्रवाई की। उस समय 27 व्यावसायिक ढांचे हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी। बोरीवली में अतिक्रमण हटाने की पिछली कार्रवाई का विस्तृत विवरण इस प्रशासनिक बदलाव की पृष्ठभूमि बताता है।

अब किन बातों पर रहेगी नजर

मामले का अगला चरण अधिकारियों के स्पष्टीकरण, अदालत के निर्देशों के अनुपालन और आरक्षित जमीन के निर्धारित उपयोग से जुड़ा है। विधि विभाग में कार्यभार बदलने से इन सवालों का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता। बस सुविधा की परियोजना शुरू होने की नई तारीख या आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा इस सूचना में नहीं की गई है।