लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क को जोड़ने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। करीब ₹17,542 करोड़ की इन योजनाओं में फर्रुखाबाद, झांसी और जेवर लिंक के साथ आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला मार्ग शामिल है। फैसला 27 अक्टूबर की बैठक का है।
कौन से चार लिंक मार्ग शामिल
उपलब्ध विवरण के अनुसार फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 90.2 किलोमीटर, झांसी लिंक करीब 106.3 किलोमीटर और जेवर लिंक करीब 74 किलोमीटर का प्रस्ताव है। आगरा–लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच लिंक की लंबाई करीब 50.94 किलोमीटर बताई गई है। ये परियोजना संबंधी आंकड़े हैं; तैयार सड़क या चालू यात्रा का विवरण नहीं।
लिंक एक्सप्रेसवे का उद्देश्य
अलग-अलग मुख्य मार्गों के बीच सीधा संपर्क मिलने पर लंबी यात्रा और माल ढुलाई के विकल्प बढ़ सकते हैं। फिलहाल इस मंजूरी से किसी खास शहर का यात्रा समय कितना घटेगा, उसका सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए मिनटों या घंटों की निश्चित बचत का दावा नहीं किया गया है।
मंजूरी के बाद अगला चरण
परियोजना की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्यक्रम, जरूरी जमीन और कार्यान्वयन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध रिपोर्टों में यातायात के लिए किसी पक्की उद्घाटन तारीख, टोल दर या सभी परियोजनाओं के एक साथ शुरू होने की जानकारी स्पष्ट नहीं है। मंजूरी को अभी सफर के लिए नया मार्ग खुल जाना नहीं समझना चाहिए।
बाकी कैबिनेट फैसलों से अलग सड़क परियोजना
उसी बैठक में शिक्षा विभाग के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा, साइबर सुरक्षा केंद्र और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े निर्णय भी हुए थे। चार लिंक एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव सड़क कनेक्टिविटी का अलग हिस्सा है। आगे निविदा और निर्माण की अधिकृत जानकारी से साफ होगा कि किस मार्ग पर काम किस क्रम में आगे बढ़ेगा।
मौजूदा यात्राओं के लिए चालू सड़कों और वर्तमान यातायात निर्देशों के अनुसार ही योजना बनाएं। केवल परियोजना की घोषणा देखकर किसी निर्माणाधीन या प्रस्तावित लिंक को उपलब्ध रास्ता मानना उचित नहीं होगा।




