मुंबई: महाराष्ट्र की चीनी मिलों के कामगारों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी है। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक बुलाकर मांगों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद संगठनों ने आंदोलन अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया।

22 अक्टूबर से चल रहा था आंदोलन

कामगारों ने लंबित मांगों के लिए 22 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार सात सहकारी और तीन निजी चीनी मिलों के कामगार इसमें शामिल थे। मंगलवार को मंत्रालय में श्रम मंत्री की अध्यक्षता में हुई बातचीत के बाद नया कदम सामने आया।

मुख्य मांगें क्या हैं

संगठनों ने बकाया वेतन चुकाने, बंद और आर्थिक रूप से बीमार मिलों को फिर शुरू करने तथा रोजगार गंवा चुके कामगारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया है। स्थायी और ठेका कामगारों के वेतन संबंधी प्रश्न तथा सरकारी योजनाओं तक पहुंच की मांग भी शामिल है।

महाराष्ट्र औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1946 को पूर्ववत लागू करने की मांग भी संगठनों की सूची में है। यह उनकी मांग है; किसी कानून को नए सिरे से लागू या रद्द कर देने का फैसला नहीं बताया गया है।

संयुक्त बैठक में कौन शामिल होगा

प्रस्तावित बैठक में सहकार और श्रम विभाग, सहकारी चीनी मिलों के प्रतिनिधि और कामगार संगठनों के पदाधिकारियों को साथ लाने की बात है। कुछ मुद्दे अलग-अलग विभागों तथा आयुक्तालयों के दायरे में आते हैं, इसलिए समन्वय से समाधान खोजने पर जोर दिया गया है।

स्थगन का मतलब मांगें पूरी होना नहीं

अभी सामने आया फैसला हड़ताल को फिलहाल रोकना है। बकाया वेतन भुगतान की पूरी समय-सीमा, बंद मिलों के लिए अंतिम योजना या सभी मांगों पर लिखित समझौते का विवरण उपलब्ध नहीं है। आगे की संयुक्त बैठक का नतीजा ही बताएगा कि किस मुद्दे पर क्या निर्णय हुआ।