पुणे: बैंकॉक से पुणे पहुंचे एक भारतीय यात्री के सामान से कस्टम अधिकारियों ने 10.642 किलोग्राम कथित हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया है। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य ₹3.72 करोड़ बताया गया है। आरोप है कि नशीले पदार्थ को नूडल्स के पैकेटों के बीच और ‘फ्रीज ड्राइड ड्यूरियन’ लिखे नौ पैकेटों में छिपाकर लाया गया था।

पुणे कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट और एयरपोर्ट बैच ने यात्री को बैगेज स्कैनिंग में संदिग्ध तस्वीरें दिखाई देने के बाद रोका। यात्री बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX-291 से पुणे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचा था। विस्तृत जांच के बाद बैग के भीतर सामान्य खाद्य सामग्री जैसे दिखने वाले पैकेट मिले।

ड्यूरियन स्नैक के लेबल वाले नौ पैकेट

कस्टम के मुताबिक, नौ आयताकार सिल्वर पैकेटों पर ‘फ्रीज ड्राइड मंथोंग ड्यूरियन’ के रिटेल लेबल लगे थे। प्रत्येक पैकेट को अंदर से काले रंग की वैक्यूम-सील्ड पॉलीथिन की दो परतों में बंद किया गया था। कथित तौर पर इस पैकिंग का उद्देश्य गंध और स्कैनिंग के दौरान सामग्री की पहचान को छिपाना था।

पैकेट खोले जाने पर पीले-हरे रंग की सूखी फूलनुमा सामग्री मिली। फील्ड टेस्टिंग किट की प्रारंभिक जांच में इसे मारिजुआना या हाइड्रोपोनिक वीड बताया गया। अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

4 नवंबर की शाम हुई कार्रवाई, 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत

यह कार्रवाई 4 नवंबर की शाम हुई थी और इसकी विस्तृत जानकारी 6 नवंबर को सामने आई। यात्री को एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। गिरफ्तारी के बावजूद आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सबूतों और सुनवाई के बाद होगा।

नेटवर्क और डिलीवरी प्वाइंट की जांच

कस्टम अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब्त खेप किसके लिए लाई गई थी, पुणे या किसी दूसरे शहर में इसकी डिलीवरी होनी थी और टिकट, होटल तथा स्थानीय संपर्कों की व्यवस्था किसने की। बैंकॉक से आने वाली उच्च मूल्य वाली हाइड्रोपोनिक वीड की खेपों में यात्रियों को कैरियर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जांच के दायरे में रहेगी।

इससे पहले मेट्रो सिटी समाचार ने मुंबई एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए यात्रियों से ड्रग्स जब्ती और हाइड्रोपोनिक वीड छिपाकर लाने के दूसरे तरीकों पर भी खबर दी थी। अलग-अलग मामलों में पैकिंग का तरीका बदलता है, लेकिन महंगे नशीले पदार्थ को सामान्य सामान जैसा दिखाना एक आम पैटर्न के रूप में सामने आता है।

हाइड्रोपोनिक वीड क्या है?

हाइड्रोपोनिक तरीके में पौधे मिट्टी के बजाय नियंत्रित पानी और पोषक तत्वों वाली व्यवस्था में उगाए जाते हैं। इस नाम का इस्तेमाल उच्च गुणवत्ता या अधिक प्रभाव वाली कैनबिस के लिए भी किया जाता है। भारत में गांजा और उससे जुड़े प्रतिबंधित पदार्थों का अवैध आयात, कब्जा और तस्करी एनडीपीएस कानून के तहत गंभीर अपराध हो सकता है। मात्रा, सामग्री की रासायनिक जांच और आरोपी की भूमिका के आधार पर लागू धाराएं तथा सजा तय होती हैं।