ठाणे: दिवाली की सजावट के लिए जीवित पेड़ों के तनों और शाखाओं पर बिजली की लड़ियां लपेटने का मामला ठाणे में पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। ठाणे महानगरपालिका के उद्यान एवं वृक्ष प्राधिकरण विभाग ने हिरानंदानी एस्टेट और हिरानंदानी मेडोज क्षेत्र में पेड़ों से सजावटी तार तथा लाइटें हटाने की कार्रवाई की है।
नगर निगम ने संबंधित निजी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कासारवडवली पुलिस स्टेशन को शिकायत भी भेजी है। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आपराधिक जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल मनपा की शिकायत का आधार पेड़ों पर जीवित बिजली के तार लपेटने, गर्मी पैदा होने और वृक्षों को संभावित नुकसान का आरोप है।
4 नवंबर के निरीक्षण में क्या मिला?
स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ता की शिकायत और जियो-टैग तस्वीरों के बाद 4 नवंबर को मनपा के वृक्ष विशेषज्ञ ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। जांच में सड़क किनारे और डिवाइडर पर लगे कई पेड़ों के चारों ओर बिजली की लड़ियां तथा वायरिंग लिपटी दिखाई दी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने संबंधित सामग्री हटानी शुरू की।
मनपा का कहना है कि पेड़ों के तनों पर कसकर तार बांधने, खीले लगाने या लगातार गर्म होने वाली लाइटें लपेटने से छाल और वृक्ष की प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खुले क्षेत्र में विद्युत वायरिंग खराब होने पर शॉर्ट सर्किट, आग या करंट का खतरा भी पैदा हो सकता है।
रोशनी का असर सिर्फ पेड़ों तक सीमित नहीं
शहरी पेड़ पक्षियों, गिलहरियों, कीटों और दूसरे छोटे जीवों के लिए आश्रय होते हैं। रातभर तेज रोशनी रहने से इनके आराम, भोजन और घोंसले बनाने के प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव आ सकता है। प्लास्टिक के तार, टेप और सजावटी सामग्री लंबे समय तक पेड़ों पर रहने से कचरा तथा आग का जोखिम भी बढ़ता है।
मेट्रो सिटी समाचार ने इससे पहले ठाणे में पेड़ की छंटाई के दौरान पक्षियों की मौत और कार्रवाई की तैयारी तथा MMR के पर्यावरण और स्वच्छ हवा की वास्तविक चुनौतियों पर रिपोर्ट की थी। नई कार्रवाई से यह सवाल फिर सामने आया है कि उत्सव की सजावट करते समय जीवित पेड़ों को केवल खंभे की तरह इस्तेमाल करना कितना उचित है।
सोसायटियों और दुकानदारों के लिए चेतावनी
ठाणे मनपा ने वृक्षों को नुकसान पहुंचाने वाली सजावट से बचने और बिजली की लड़ियां, तार तथा खीले हटाने पर जोर दिया है। सोसायटियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सजावट ठेकेदारों को पेड़ों के बजाय स्वतंत्र फ्रेम या सुरक्षित संरचना का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी विद्युत सजावट के लिए प्रमाणित वायरिंग, मौसम से सुरक्षित उपकरण और आग से बचाव की व्यवस्था जरूरी है।
FIR पर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
नगर निगम ने शिकायत पुलिस को भेज दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक FIR दर्ज होने की अंतिम पुष्टि उपलब्ध नहीं थी। आगे पुलिस यह जांच सकती है कि सजावट किसके निर्देश पर की गई, आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं और पेड़ों को वास्तविक नुकसान कितना हुआ। मनपा की कार्रवाई के बाद शहर के दूसरे इलाकों में भी ऐसी लाइटें हटाई जाती हैं या नहीं, इस पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं की नजर रहेगी।




