वसई-विरार: जुलाई की बाढ़ में कई दिनों तक बिजली बंद रहने और महत्वपूर्ण सबस्टेशन पानी में डूबने के बाद महावितरण ने वसई-विरार की बिजली व्यवस्था को बाढ़-रोधी बनाने के लिए 112.60 करोड़ रुपये का विशेष प्रस्ताव तैयार किया है। यह योजना अभी शासन की मंजूरी और निधि मिलने की प्रतीक्षा में है; मंजूरी के बाद सखल इलाकों में बिजली उपकरणों को ऊंचा करने, पुराने फीडर पिलर बदलने और नई केबल बिछाने जैसे काम किए जाएंगे।

वसई मंडल में घरेलू, व्यावसायिक, कृषि और औद्योगिक श्रेणी के लगभग 11.15 लाख उपभोक्ता हैं। जुलाई के पहले सप्ताह की तेज बारिश और हवा में 91 बिजली खंभे गिरने तथा 62 ट्रांसफॉर्मरों और लाइनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। सनसिटी, नालासोपारा पश्चिम, ग्लोबल सिटी, पापड़ी और विरार पश्चिम के 22 केवी सबस्टेशन पानी से प्रभावित हुए। जान-माल का खतरा टालने के लिए कई स्थानों पर तीन से चार दिन तक आपूर्ति बंद रखनी पड़ी थी।

किन कामों का प्रस्ताव रखा गया है?

  • पानी भरने वाले इलाकों में चार महत्वपूर्ण स्विचिंग केंद्र और 114 वितरण ट्रांसफॉर्मर केंद्रों के प्लिंथ ऊंचे करना।
  • 22 केवी उपकेंद्रों के लिए छह नए रिंग मेन यूनिट लगाना और करीब 3,266 फीडर-मिनी पिलर का पुनर्गठन या बदलाव।
  • लगभग 281 किलोमीटर नई एलटी केबल तथा जरूरी 22 केवी लाइनें बिछाना।
  • 2,228 स्थानों पर री-अर्थिंग और अतिरिक्त सुरक्षा संरचनाएं तैयार करना।

महावितरण का फोकस उन इलाकों पर है जहां बारिश का पानी तेजी से नहीं निकलता। यहां फीडर पिलर और दूसरे संवेदनशील उपकरण सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने की योजना है। हाउसिंग सोसायटियों के निचले तल पर लगे मीटर बॉक्स और बिजली पैनल भी ऊंचे स्थान पर शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है। इससे बाढ़ के दौरान करंट लगने का जोखिम और लंबे समय तक सप्लाई बंद रखने की मजबूरी कम हो सकती है।

प्रस्ताव बना है, काम शुरू होना अभी बाकी

इस योजना को मंजूर परियोजना मानना अभी जल्दबाजी होगी। 112.60 करोड़ रुपये का आराखड़ा शासन को भेजा गया है और काम तभी आगे बढ़ेंगे जब प्रशासनिक स्वीकृति तथा निधि उपलब्ध होगी। इसके बाद निविदा, स्थानीय अनुमति और जमीन पर काम की समय-सीमा स्पष्ट होगी। इसलिए नागरिकों के लिए अगला महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मंजूरी कब मिलती है और पहले चरण में किन जलभराव वाले क्षेत्रों को शामिल किया जाता है।

जुलाई की बाढ़ से शहर की बिजली, मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर पड़े असर की पृष्ठभूमि मेट्रो सिटी समाचार की वसई-विरार बाढ़ और प्रशासनिक जवाबदेही पर रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है। बिजली संबंधी शिकायत या आपूर्ति की स्थिति के लिए उपभोक्ता महावितरण की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।