महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती और आर्थिक अनुशासन लागू करने के लिए नई सख्त गाइडलाइन जारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद लागू की गई इस नीति के तहत अब वरिष्ठ अधिकारियों को भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना होगा।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों में सभी विभागों, जिलाधिकारियों, महानगरपालिकाओं और सरकारी कार्यालयों को संसाधनों का सीमित उपयोग करने और अनावश्यक खर्च कम करने के आदेश दिए गए हैं।
नई नीति के अनुसार सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर सख्ती की गई है। अधिकारियों को गैरजरूरी सरकारी गाड़ियों के उपयोग से बचने और कारपूलिंग या साझा परिवहन अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विदेश दौरों और अनावश्यक यात्राओं में सरकारी वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है।
राज्य सरकार ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या सार्वजनिक बस से यात्रा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी कार्यालयों में बिजली बचत अभियान भी चलाया जाएगा। एसी का तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने और जरूरत के अनुसार ही बिजली उपकरणों का उपयोग करने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार ने बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कॉन्फ्रेंस को अधिक से अधिक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने को कहा है, ताकि यात्रा और आवास पर होने वाला खर्च कम किया जा सके।
“प्रधानमंत्री सूर्यघर” योजना के तहत सरकारी इमारतों में सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने की तैयारी भी शुरू की गई है। वहीं नए सरकारी वाहनों की खरीद पर भी नियंत्रण रखने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। साथ ही PNG गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में जैविक खादों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
सरकार का दावा है कि इन उपायों से सरकारी खर्च में बड़ी बचत होगी और ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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