सड़कें बनीं सबसे बड़ी मुसीबत, नालासोपारा पूर्व में घंटों जाम और ऑटो संकट से आम जनता परेशान
नालासोपारा | 30 जुलाई: वसई-विरार शहर में बदहाल सड़कों और गहरे गड्ढों की समस्या अब आम नागरिकों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। गुरुवार रात करीब 9:00 बजे से 10:30 बजे के बीच नालासोपारा पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले ईस्ट-वेस्ट ब्रिज पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वहीं स्टेशन परिसर में ऑटो रिक्शा की भारी कमी के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को पैदल घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
गड्ढों ने बिगाड़ी पूरी परिवहन व्यवस्था
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नालासोपारा स्टेशन से बिलालपाड़ा, ढाणीबाग, वाकनपाड़ा, नालासोपारा फाटा और हाईवे की ओर जाने वाले अधिकांश ऑटो चालक यात्रियों को ले जाने से इनकार कर रहे थे। उनका कहना था कि इन इलाकों की सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से इतनी खराब हो चुकी हैं कि ऑटो चलाना जोखिम भरा हो गया है।
स्थिति यह रही कि अधिकांश रिक्शा चालक केवल संतोष भवन तक सवारी छोड़कर वापस स्टेशन लौट रहे थे, जिससे आगे जाने वाले यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ गई।
यात्रियों और ऑटो चालकों के बीच विवाद
ऑटो नहीं मिलने से नाराज यात्रियों और रिक्शा चालकों के बीच कई स्थानों पर बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन यात्रियों की समस्या बनी रही।
जाम में फंसी एम्बुलेंस, बढ़ी चिंता
इसी दौरान ईस्ट-वेस्ट ब्रिज पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक जाम इतना गंभीर था कि कई एम्बुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई।
रोजमर्रा की जिंदगी पर गड्ढों का असर
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कों की बदहाल स्थिति अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रही है। लोग समय पर घर नहीं पहुंच पा रहे हैं, कई यात्रियों की ट्रेनें छूट रही हैं और रात में सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप हो जाता है।
प्रशासन के आश्वासन पर उठ रहे सवाल
महानगरपालिका प्रशासन का कहना है कि जल्द ही गड्ढों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
करीब 30 लाख से अधिक आबादी वाले वसई-विरार शहर में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
स्थानीय नागरिकों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- नालासोपारा फाटा, बिलालपाड़ा, ढाणीबाग, वाकनपाड़ा और आसपास की सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए।
- गहरे गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
- रात के समय ऑटो रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
- ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया जाए।
नागरिकों का कहना है कि जब तक सड़कों की स्थायी मरम्मत नहीं होगी, तब तक ट्रैफिक जाम, ऑटो संकट और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहेगा।
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