महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार पूर्व स्थित शिरगांव इलाके में अवैध पत्थर खदान निरीक्षण के दौरान हुए हमले के मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस हमले में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी, जबकि मंडल राजस्व अधिकारी (MRO) गंभीर रूप से घायल हुए थे।
NHRC ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पालघर जिला कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें जांच की वर्तमान स्थिति और घायल अधिकारी की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी शामिल होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 12 मई 2026 को राजनीतिक कार्यकर्ता और मंडल राजस्व अधिकारी शिरगांव इलाके में स्थित एक पत्थर खदान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। बताया गया कि सरकारी पोर्टल पर इस खदान में अवैध गतिविधियों की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर खदान संचालकों से जुड़े लोगों ने दोनों पर हमला कर दिया। आरोप है कि पीड़ितों को वाहन से बाहर घसीटकर डंडों और पत्थरों से बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की।
इस हिंसक हमले में राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि मंडल अधिकारी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे पालघर जिले में हड़कंप मच गया था और अवैध खदान संचालन पर गंभीर सवाल उठे थे।
अब NHRC (The National Human Rights Commission) की एंट्री के बाद मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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