मुंबई: महाराष्ट्र के वसई इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक 26 वर्षीय युवा इंजीनियर को उसकी शादीशुदा प्रेमिका ने अपने पति, भाई और दोस्तों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से लाश को एक बड़े नीले ड्रम में ठूंसकर वसई के एक सुनसान नाले में फेंक दिया।
मुंब्रा पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि महिला का पति और एक अन्य साथी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।
पैसों की सनक और प्यार का खूनी अंत
मृतक की पहचान अरबाज मकसूद अली खान (26) के रूप में हुई है। अरबाज मुंब्रा का निवासी था और डोंबिवली के एक नामी रियल एस्टेट डेवलपर के पास बतौर इंजीनियर काम करता था।
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि अरबाज का साल 2021 से वसई की रहने वाली महजाबीन खातून एकरान शेख (25) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच लगातार बातचीत और रोमांटिक मैसेजेस का सिलसिला चलता था। लेकिन इस कथित प्यार के पीछे महजाबीन का मकसद सिर्फ पैसा ऐंठना था। अरबाज लगातार महजाबीन के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करता रहता था।
खूनी साजिश की वजह
कुछ समय पहले जब अरबाज ने महजाबीन को हर महीने मोटी रकम देना बंद कर दिया, तो उनके संबंधों में खटास आ गई। पैसों की डिमांड पूरी न होने पर महजाबीन ने अरबाज को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। इस साजिश में उसने अपने पति हसन शेख, भाई तारिक शेख और भाई के दोस्त मोज्जम पठान को भी शामिल कर लिया।
गायब होने से एक दिन पहले भेजे थे 50 हजार रुपये
3 अप्रैल को अरबाज अपनी कंपनी के काम से नकदी कलेक्ट करने दादर गया था, लेकिन उसके बाद वह कभी घर नहीं लौटा। अरबाज के अचानक लापता होने पर उसके पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जब अरबाज के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल लोकेशन को खंगाला, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। अरबाज की आखिरी लोकेशन गायब होने वाले दिन वसई में महजाबीन के घर के पास पाई गई। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि गायब होने से ठीक एक दिन पहले अरबाज ने महजाबीन के खाते में 50,000 रुपये ट्रांसफर किए थे।
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बंधक बनाकर प्लास्टिक के पाइप से पीटा, सिर पर की जानलेवा चोटें
संदेह के आधार पर पुलिस ने जब महजाबीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी सबूत सामने रखे, तो वह टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
वारदात की खौफनाक दास्तान
जाल में फंसाया: महजाबीन ने पैसों के विवाद को सुलझाने के बहाने अरबाज को वसई के भोईदापाड़ा स्थित अपने घर बुलाया।
लूट की कोशिश: वहां अरबाज के पहुंचते ही पैसों को लेकर बहस शुरू हो गई। आरोपियों ने अरबाज की तलाशी ली, लेकिन उसके पास कोई कीमती सामान या मोटी रकम नहीं मिली।
बेरहमी से हत्या: इसके बाद आरोपियों ने अरबाज के हाथ-पैर बांध दिए और प्लास्टिक के भारी पाइप से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण अरबाज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश: अरबाज की मौत के बाद आरोपियों ने उसकी लाश को एक बड़े प्लास्टिक के ड्रम में ठूंसा और उसे वलीव पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले एक सुनसान इलाके के नाले में फेंक कर फरार हो गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी महजाबीन खातून और उसके भाई तारिक शेख को 7 मई को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, महिला का फरार पति हसन शेख और उसका साथी मोज्जम पठान पुलिस की रडार पर हैं और उन्हें पकड़ने के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस जघन्य हत्याकांड ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
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