मिरा-भाईंदर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए ठाणे-घोडबंदर रोड चौड़ीकरण परियोजना को फिर से गति मिलने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए आर्थिक मदद देने की तैयारी दिखाई है, जिसके बाद मिरा-भाईंदर महानगरपालिका प्रशासन ने इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है।
ठाणे-घोडबंदर रोड पर भारी वाहनों के साथ-साथ मुंबई, वसई-विरार और भाईंदर की ओर जाने वाले हल्के वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। सड़क संकरी होने, कई मोड़ और चढ़ाव-उतार होने के कारण यहां रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
इसी समस्या को देखते हुए फाउंटेन होटल से गायमुख तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबे और वर्तमान में 30 मीटर चौड़े इस रोड को 60 मीटर तक चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यह सड़क सार्वजनिक बांधकाम विभाग से मिरा-भाईंदर महानगरपालिका को सौंप दी गई थी।
मनपा के प्राथमिक सर्वेक्षण में सामने आया था कि भूमि अधिग्रहण के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा सड़क की मरम्मत और रखरखाव का अतिरिक्त खर्च भी काफी बड़ा था। आर्थिक स्थिति को देखते हुए मनपा ने पहले इस परियोजना को वापस सार्वजनिक बांधकाम विभाग को सौंपने का निर्णय लिया था।
हालांकि, दहिसर-मिरा भाईंदर मेट्रो परियोजना के उद्घाटन के दौरान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एमएमआरडीए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था।
इसके बाद अब मिरा-भाईंदर मनपा ने अपना पुराना फैसला बदलते हुए फिर से चौड़ीकरण प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हाल ही में हुई महासभा में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
मनपा प्रशासन अब सरकार से भूमि अधिग्रहण और सड़क मरम्मत के लिए फंड की मांग करेगा। माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने से ट्रैफिक जाम में बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य में शुरू होने वाली घोडबंदर-मिरा भाईंदर मेट्रो परियोजना को भी फायदा होगा।
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