दो युवकों की मौत के बाद भी समुद्र किनारों पर भीड़, पर्यटन गतिविधियां जारी; सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
विरार | 19 जुलाई 2026: पालघर जिले के वसई-विरार क्षेत्र के समुद्री किनारों पर मानसून के दौरान लागू प्रतिबंधों के बावजूद पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती दिखाई दे रही है। अर्नाला, कलंब, राजोडी तथा अन्य समुद्र तटों पर रविवार शाम बड़ी संख्या में पर्यटक घूमते, मौज-मस्ती करते और कई स्थानों पर समुद्र के नजदीक जाते हुए देखे गए। यह स्थिति तब सामने आई है जब हाल ही में समुद्र में डूबने से दो युवकों की मौत हो चुकी है और समुद्री सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार चेतावनी जारी कर रहा है।
बड़े-बड़े सूचना फलक..
मिरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन द्वारा समुद्र तटों पर बड़े-बड़े सूचना फलक लगाए गए हैं। इन फलक पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक समुद्र किनारे घूमने, मौज-मस्ती करने तथा समुद्र के पानी में उतरने पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दो युवकों की मौत के बाद भी नहीं दिखा असर
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2026 को नालासोपारा क्षेत्र के कलंब बीच पर चार युवक समुद्र में उतरे थे। समुद्र में तेज लहरों और हाई टाइड के कारण चारों युवक बह गए थे। इसके बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसमें दो युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो अन्य युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे वसई-विरार क्षेत्र को झकझोर दिया था।
हादसे के महज दो दिन बाद अर्नाला समुद्र तट पर सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में पर्यटक दिखाई दिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि हालिया हादसे के बाद भी लोग समुद्र तटों पर उसी प्रकार पहुंच रहे हैं तो यह सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती है।
मनाई आदेश लागू, लेकिन पर्यटन गतिविधियां जारी
रविवार को अर्नाला बीच पर पर्यटकों की भारी भीड़ के साथ-साथ पर्यटन और मनोरंजन से जुड़े कई संसाधन भी सक्रिय दिखाई दिए। समुद्र तट पर एटीवी, क्वाड और स्पोर्ट्स बाइक जैसी गतिविधियां, ऊंट एवं घोड़े की सवारी, चाय-नाश्ता तथा अन्य खाद्य सामग्री के स्टॉल खुले नजर आए।
यही स्थिति अन्य समुद्री किनारों पर भी देखे जाने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।
जनता के सवाल
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं:
➡️ यदि समुद्र तटों पर मनाई आदेश लागू है, तो स्पोर्ट्स बाइक, एटीवी, ऊंट-घोड़ा सवारी, खाद्य स्टॉल और अन्य पर्यटन संसाधनों को संचालन की अनुमति कैसे दी जा रही है?
➡️ यदि पर्यटन गतिविधियों पर प्रभावी प्रतिबंध लागू है, तो अर्नाला, नालासोपारा ग्राम पंचायत द्वारा पर्यटकों से प्रवेश शुल्क अथवा अन्य कर (टैक्स) क्यों लिया जा रहा है?
➡️ जब समुद्र में उतरना और समुद्र तट पर मौज-मस्ती प्रतिबंधित है, तो पर्यटकों को समुद्र तट तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों दिखाई नहीं दे रही?
➡️ क्या प्रतिबंध केवल कागजों और सूचना फलक तक सीमित है या उसका प्रभावी पालन भी सुनिश्चित किया जा रहा है?
अर्नाला पुलिस की कार्रवाई और विवाद
रविवार को अर्नाला सागरी पुलिस द्वारा समुद्र तट पर कुछ दोपहिया वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि समुद्र तट पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
क्या कहते हैं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक?
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार:
“वर्तमान में समुद्र में उफान है। धारा 163 के तहत समुद्र किनारे घूमने, मौज-मस्ती करने और समुद्र के पानी में उतरने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। रविवार को समुद्र तट पर लापरवाही से वाहन चलाने वाले दो वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।”
नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मिरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय, अर्नाला सागरी पुलिस, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से समुद्री किनारों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अर्नाला, कलंब, राजोडी सहित अन्य समुद्र तटों पर पर्याप्त पुलिस बल, लाइफगार्ड और चेतावनी व्यवस्था तैनात की जानी चाहिए ताकि हालिया हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
नागरिकों का कहना है कि दो युवकों की मौत के बाद भी यदि समुद्र तटों पर भीड़ और जोखिम भरी गतिविधियां जारी रहती हैं, तो भविष्य में किसी और बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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