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VVCMC कचरा प्रक्रिया प्रोजेक्ट में कथित करोड़ों के गैरव्यवहार की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग

भोयदापाड़ा कचरा प्रक्रिया और बायो-माइनिंग प्रोजेक्ट में कथित ₹64 करोड़ गैरव्यवहार की जांच की मांग
भोयदापाड़ा कचरा प्रक्रिया एवं बायो-माइनिंग प्रोजेक्ट में कथित आर्थिक गैरव्यवहार की जांच और फॉरेन्सिक ऑडिट की मांग।

विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सौंपा विस्तृत पत्र; पूरक शिकायत, फॉरेन्सिक ऑडिट और आर्थिक वसूली की मांग

मुंबई, 1 सितंबर 2026: वसई-विरार शहर महानगरपालिका के भोयदापाड़ा (गोखिवरे) स्थित क्षेपणभूमि पर कचरा प्रक्रिया एवं बायो-माइनिंग प्रोजेक्ट में कथित करोड़ों रुपये के आर्थिक एवं प्रशासनिक गैरव्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले में बोलींज पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR क्रमांक 0474/2026 की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने की है।

विधायक ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उन्हें विस्तृत पत्र सौंपा। उनका आरोप है कि मौजूदा FIR में केवल कथित फर्जी RDF प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई ₹37.66 करोड़ की धोखाधड़ी का उल्लेख है, जबकि पूरे मामले में करीब ₹64 करोड़ के आर्थिक गैरव्यवहार की आशंका है।

उन्होंने मांग की कि पूरक शिकायत दर्ज कर पूरे मामले की आर्थिक, प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं से जांच की जाए।

शिकायत में टेंडर प्रक्रिया में पात्रता और आर्थिक क्षमता, कार्यादेश एवं कथित जाली दस्तावेजों, कचरे की घनता को 340 किलो/घनमीटर से 480 किलो/घनमीटर दिखाकर बिलों में कथित वृद्धि तथा RDF तैयार किए जाने के लिए प्रस्तुत कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच की मांग की गई है।

इसके अलावा प्रोजेक्ट के दौरान प्राकृतिक पत्थर के कथित अवैध उत्खनन, गौण खनिज कानून और पर्यावरणीय नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच कर संबंधित कानूनी धाराएं FIR में शामिल करने की मांग भी की गई है।

विधायक ने कहा कि जांच केवल ठेकेदार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

विधायक ने कहा कि जांच केवल ठेकेदार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित महापालिका अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी सलाहकारों और दस्तावेजों की उचित जांच के बिना भुगतान मंजूर करने वाले मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

मामले की आर्थिक सच्चाई सामने लाने के लिए 2023 से ठेकेदार को किए गए सभी भुगतानों का स्वतंत्र फॉरेन्सिक ऑडिट कराने की मांग की गई है। साथ ही गैरव्यवहार से आर्थिक लाभ साबित होने पर संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों को कानून के अनुसार फ्रीज/जब्त कर महापालिका को हुए आर्थिक नुकसान की वसूली करने की मांग की गई है।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा लगाए गए दंड तथा महापालिका को हुए अन्य आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी भी तय कर संबंधितों से वसूली की मांग विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने की है।

विधायक ने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों के पैसों से होने वाले प्रत्येक खर्च का पारदर्शी हिसाब जनता को मिलना चाहिए और यदि कचरा प्रक्रिया प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपये का गैरव्यवहार हुआ है, तो इसकी जड़ तक जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर फौजदारी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

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Metro City Samachar

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