मानव कल्याण शक्ति ज्योति फाउंडेशन के आयोजन में 100 से अधिक लोगों ने लिया जनेऊ पूजन एवं श्रावणी उपाकर्म में हिस्सा
नालासोपारा। सनातन संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प के साथ मानव कल्याण शक्ति ज्योति फाउंडेशन द्वारा आयोजित श्रावणी उपाकर्म महोत्सव श्रद्धा, आस्था और वैदिक संस्कारों के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर स्थित गजानंद हाईस्कूल परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों ने जनेऊ पूजन एवं श्रावणी उपाकर्म की विभिन्न धार्मिक विधियों में सहभागिता की।
महोत्सव का आयोजन फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य धर्मराज पांडेय एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य शिवदत्त पांडेय के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सम्माननीय एवं प्रतिष्ठित लोगों ने उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। गणमान्यजनों की सहभागिता से पूरे कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ श्रावणी उपाकर्म
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की प्राचीन वैदिक परंपराओं एवं संस्कारों को पुनर्जीवित कर उन्हें समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। इस दौरान श्रावणी उपाकर्म से संबंधित धार्मिक विधियों का विधिवत निर्वहन श्रद्धा एवं आस्था के साथ किया गया।
आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। उपाकर्म की धार्मिक परंपराओं के विधिवत निर्वहन के लिए कृत्रिम तालाब एवं जल की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिससे प्रतिभागियों को आवश्यक धार्मिक विधियां पूर्ण करने में सुविधा मिली।
इन गणमान्यजनों की रही प्रमुख उपस्थिति
महोत्सव में आचार्य त्रिभुवन पांडेय, आचार्य कौशल तिवारी, आचार्य अरविंद मिश्रा, आचार्य अनिल मिश्रा, पं. आशुतोष द्विवेदी, भूपेश पांडेय, शिवकुमार तिवारी, त्रिशक्ति संगम अभियान के महाराष्ट्र प्रमुख माता प्रसाद चतुर्वेदी, करूणेश उपाध्याय तथा वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज की सांस्कृतिक पहचान और जीवन मूल्यों की आधारशिला हैं। इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आयोजन टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
श्रावणी उपाकर्म महोत्सव को सफल बनाने में आयोजन टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें अभय शुक्ल, राम सुरेश दूबे, शशिकांत मिश्रा, जितेन्द्र दूबे, बागेश पांडेय, रोहित गुप्ता, विनीत सिंह, पवन दूबे, आशिष दूबे, विश्व देव मिश्रा, पं. पवन तिवारी, राजकुमार मिश्रा, पंकज पांडेय, हर्ष पांडेय, अनन्य शुक्ल, अंश पांडेय, अनंत शुक्ल एवं किशन उपाध्याय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में श्री सुधीर भवनाथ सिंह का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने अपने विद्यालय परिसर को आयोजन के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही कृत्रिम तालाब एवं जल की व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन समिति की ओर से उनके सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प
महोत्सव के समापन अवसर पर मंच संचालन के माध्यम से आभार व्यक्त करते हुए पत्रकार प्रेम चौबे ने आयोजन की सफलता में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि समाज में सनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
श्रावणी उपाकर्म महोत्सव का यह आयोजन न केवल वैदिक परंपराओं एवं संस्कारों को जीवंत करने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया।